देवभूमि विकास संस्थान शिक्षा, पर्यावरण, संस्कृति, खेल एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है। हमारा उद्देश्य समुदायों को मजबूत बनाना, अवसर उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

पर्यावरण संरक्षण एवं “गंगधारा अभियान”

“गंगधारा अभियान” के माध्यम से गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु विशेष पहल की गई। संस्थान द्वारा ऋषिपर्णा नदी को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु 66 दिनों तक निरंतर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में विद्यार्थी, समाजसेवी, योगाचार्य एवं स्थानीय नागरिक सक्रिय भागीदार रहे। 65 विद्यालयों के लगभग 400 विद्यार्थियों ने “मेरी नदी, मेरी ज़िम्मेदारी” के भाव से सहभागिता की।

“गंगधारा अभियान” अब उत्तराखंड की अन्य नदियों तक विस्तार की दिशा में अग्रसर है, ताकि प्रत्येक धारा पुनः जीवन से भर सके।

शिक्षा एवं संस्कृति विकास

संस्थान द्वारा “युवाओं को शिक्षा से जोड़ो” अभियान के अंतर्गत 24 विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु प्रेरित किया गया।

सुपर 20 प्रतिभा परीक्षा” के माध्यम से ग्रामीण सरकारी विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग प्रारंभ की गई।

संस्कार शिक्षण अभियान” के अंतर्गत बच्चों में नैतिक मूल्य, अनुशासन एवं जीवन कौशल का विकास किया गया।

खेल एवं युवा सशक्तिकरण

युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। “वीर सिंह ठाकुर स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता” के माध्यम से खेल भावना, टीमवर्क एवं शारीरिक फिटनेस को प्रोत्साहन दिया गया। संस्थान द्वारा युवाओं को खेल के माध्यम से आत्मविश्वास एवं नेतृत्व के गुण सिखाए गए।

लोककला एवं सांस्कृतिक संरक्षण

उत्तराखंड की लोककला एवं सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने हेतु सतत प्रयास किए गए। सिद्ध लोक कलाकार—जीत सिंह नेगी, नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भरतवाण, लोक गायक चंद्र सिंह राही, संगीता ढोडियाल एवं कृष्ण महपाल आदि की प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं।

युवाओं को यह संदेश दिया गया कि—“जो अपनी संस्कृति भूलता है, वह अपनी पहचान खो देता है।”

व्याख्यान माला – “गंगधारा: विचार का बौद्धिक प्रवाह”

21–22 दिसंबर 2024 को दून विश्वविद्यालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका विषय भारतीय संस्कृति, पलायन, सतत विकास एवं शिक्षा था। मुख्य वक्ताओं में पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज (जूना अखाड़ा) एवं तत्कालीन राज्यपाल केरल श्री आरिफ मोहम्मद खान जी शामिल रहे। इस आयोजन का उद्देश्य विचारों के आदान-प्रदान द्वारा समाज को समाधान की दिशा में मार्गदर्शन देना था।

राज्य स्तरीय विचार संगोष्ठी

सुखी एवं सफल वैवाहिक जीवन एवं प्री-वेडिंग काउंसलिंग” विषय पर पहली राज्य स्तरीय संगोष्ठी 27 जनवरी 2025 को स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जोलियाग्रांट में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में अधिवक्ता, मनोवैज्ञानिक, शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल रहे। उद्देश्य था समाज में प्री-वेडिंग काउंसलिंग को लेकर संवाद एवं जागरूकता को बढ़ावा देना।